पथराई-सी आँखें
उस राह पर टिकी हैं
जिस राह से
तुम्हारे आने की है खबर
पर
वह राह सुनसान है।
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| Photo by Masha Raymers from Pexels |
हलचल हई
एक दिन उस राह पर
नहीं - शायद
मेरे हृदय में
जब मैंने
तुम्हारी परछाई को
तुम्हारे साथ देखा
और फिर
मैं खुद का,
अस्तित्व ढूँढने लगी हूँ।

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