तुम क्या गये!
रूठ गयी जिन्दगी मुझसे
दुनिया की नजरों में
हौसला बनकर उभरी थी
परिहास बनकर रह गयी हूं।
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| Photo by Wendy Wei from Pexels |
तुम क्या गये!
घना हो चला है
दर्द का सघन वन।
तुम थे तो
आँच न आती थी मुझ पर
झुलस रही हूं आज मैं।
तुम क्या गये!
चली गयी मेरी
सारी सकारात्मकता
मेरा हौसला
मेरी हँसी
मेरी खूबसूरती
मेरा जीवन।

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