मैं गुमसुम हूं
मुझे गुमसुम ही रहने दो
पतझड में पत्ते झडते हैं
उन्हें झड जाने दो - रोको नहीं।
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| Photo by Andrea Piacquadio from Pexels |
तुम नहीं जानते
कैसा दर्द होता है?
सूखे पत्तों को टहनी से
लगाए रखए णएँ
तुम नहीं जानते
होती है कैसी पीडा
आँसुओं को यूँ ही पी जाने में।
दिल को मेरे
कुछ देर बैठ कर सी लेने दो
मैं गुमसुम हूँ
मुझे गुमसुम ही रहने दो!

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